विलाद: सत्तर हजार वर्ष पहले शुरू हुई वह जंग, जिसने पृथ्वी का भविष्य बदल दिया
पृथ्वी के इतिहास में कुछ युद्ध ऐसे हो सकते हैं जिनके बारे में बाद की सभ्यताओं को कभी पता ही न चला हो। विलाद ऐसी ही एक कल्पना को आधार बनाकर उस समय में ले जाता है, जब आधुनिक मानव इतिहास शुरू होने से बहुत पहले पृथ्वी पर अलग-अलग बुद्धिमान प्रजातियाँ विकसित हो रही थीं और बाहरी अंतरिक्ष से आए दो अलग-अलग समूह अपने-अपने उद्देश्यों के साथ इस ग्रह पर सक्रिय थे।
यह कथा ओरियन की समयरेखा से लगभग तीस हजार वर्ष पहले की है और उस दौर को सामने रखती है, जब पृथ्वी पर घटित घटनाएँ आगे चलकर सत्तर हजार वर्ष बाद के भविष्य को प्रभावित करने वाली थीं।
पृथ्वी पर जीवन के विकास की एक अलग कहानी
विलाद की पृष्ठभूमि केवल किसी प्राचीन युद्ध तक सीमित नहीं है। कथा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह बताने का प्रयास करता है कि पृथ्वी पर जीवन और बुद्धिमान प्रजातियों का विकास किस प्रकार हुआ।
इस संसार में इक्वोडियंस की भूमिका विशेष है। वे पृथ्वी पर जीवन के सृजन, उसके रूप-निर्धारण और उसके परिष्कार से जुड़े दिखाई देते हैं। उनके मार्गदर्शन में विकसित होती प्रजातियाँ धीरे-धीरे अपने अस्तित्व और सामाजिक विकास की अलग-अलग अवस्थाओं तक पहुँचती हैं।
इन्हीं में दो प्रमुख प्रजातियाँ हैं—हमंस और सैटंस।
लेकिन दोनों का विकास एक जैसा नहीं होता।
सैटंस का उभार और हमंस का संघर्ष
सैटंस स्थायी बस्तियाँ बसाने से लेकर संगठित राज्य बनाने तक की यात्रा अपेक्षाकृत तेजी से पूरी करते हैं।
दूसरी ओर, हमंस का विकास बहुत अलग परिस्थितियों में होता है।
वे जंगलों से बाहर निकलकर बाहरी दुनिया को देखते हैं। फिर उनके सामने सभ्यता का वह पक्ष आता है जिसमें स्वतंत्रता के बजाय गुलामी, सहयोग के बजाय शोषण और विकास के बजाय अत्याचार उनका अनुभव बनता है।
लेकिन यह स्थिति हमेशा नहीं रहती।
धीरे-धीरे हमंस के भीतर आत्म-चेतना विकसित होती है। वे अपने अस्तित्व को समझने लगते हैं, अपने प्रति विश्वास अर्जित करते हैं और अंततः उस व्यवस्था के विरुद्ध खड़े होने का साहस जुटाते हैं जिसने उन्हें लंबे समय तक अपने से निम्न समझा था।
यहीं से दोनों प्रजातियों के बीच का संबंध बदलना शुरू होता है।
साथ रहने से शत्रु बनने तक
कथा का एक महत्वपूर्ण संघर्ष उस समय सामने आता है जब हमंस और सैटंस, जो लंबे समय से एक ही पृथ्वी पर विकसित हो रहे थे, ऐसी स्थिति में पहुँच जाते हैं जहाँ उनका साथ रहना कठिन होता जाता है।
उनके सामाजिक और विकासात्मक अंतर बढ़ते जाते हैं।
हित टकराने लगते हैं।
अविश्वास बढ़ता है।
और अंततः वे एक-दूसरे के सामने प्रतिद्वंद्वी के रूप में खड़े हो जाते हैं।
यह संघर्ष केवल किसी एक युद्ध का परिणाम नहीं है। इसका अंतिम प्रभाव दोनों प्रजातियों के भविष्य पर पड़ता है।
आने वाले हजारों वर्षों में दोनों की विकास-यात्राएँ एक-दूसरे से अलग हो जाती हैं और वही अलगाव उनके भविष्य की दिशा निर्धारित करता है।
आकाश से आने वाली एक और शक्ति
लेकिन पृथ्वी पर चल रहा यह संघर्ष अकेला नहीं है।
इसी समय एक जैविक अंतरिक्षयान पृथ्वी पर पहुँचता है, जिसे हेलब्रीड्स ने भेजा है।
उसके आने का उद्देश्य साधारण नहीं है और उसका संबंध भविष्य में होने वाले उस बड़े परिवर्तन से है, जो अंततः पृथ्वी का स्वरूप बदल देगा।
उसे रोकने के लिए दूसरी ओर से इक्वोडियंस सक्रिय होते हैं।
बाद की सभ्यताओं में इन्हें फरिश्तों के रूप में याद किया जाएगा, जबकि हेलब्रीड्स को शैतानों के रूप में।
इस प्रकार पृथ्वी के भीतर विकसित हो रहे दो प्रजातियों के संघर्ष के ऊपर एक और बड़ा संघर्ष आकार लेने लगता है—दो बाहरी प्रजातियों के बीच का संघर्ष।
फरिश्ते, शैतान और पृथ्वी की दो प्रजातियाँ
इक्वोडियंस का उद्देश्य केवल उस जैविक अंतरिक्षयान को रोकना नहीं है।
वे अपने बिखरे हुए लोगों की तलाश कर रहे हैं और साथ ही भूमध्यसागर के आसपास विकसित हो रहे हमंस और सैटंस को एक साथ लाने का प्रयास भी करते हैं।
उन्हें पता है कि आने वाले संघर्ष में पृथ्वी की इन दोनों प्रजातियों का सहयोग निर्णायक हो सकता है।
दूसरी ओर हेलब्रीड्स मनुष्यों और अन्य स्थानीय प्राणियों को अपने उद्देश्यों के लिए मोहरों की तरह इस्तेमाल करते हुए उस जैविक अंतरिक्षयान की तलाश में हैं, जिसे वे अपनी संपत्ति मानते हैं।
इस जहाज का सक्रिय होना केवल उस समय के लोगों के लिए खतरा नहीं है। उसके दूरगामी परिणाम पृथ्वी के बहुत दूर के भविष्य को प्रभावित करने वाले हैं।
मिथकों के पीछे छिपी एक प्राचीन दुनिया
विलाद की दुनिया में बाद की मानव सभ्यताओं के अनेक मिथकीय संकेतों के पीछे वास्तविकता मौजूद है।
उस दौर में पृथ्वी पर ऐसी बुद्धिमान और असाधारण प्रजातियाँ मौजूद हैं जिनकी स्मृतियाँ बाद के युगों में अलग-अलग रूपों में बची रह सकती हैं।
कथा इस कल्पना को भी विस्तार देती है कि प्राचीन मनुष्य जिन शक्तियों और प्राणियों की कहानियाँ सुनाते रहे, उनके पीछे किसी वास्तविक प्रजाति या घटना की स्मृति हो सकती है।
यहाँ इतिहास और मिथक के बीच की सीमा धुंधली हो जाती है।
जो बाद की सभ्यता के लिए किंवदंती है, वह इस प्राचीन संसार में किसी जीवित प्राणी या वास्तविक घटना का हिस्सा है।
विलुप्त होती प्रजातियों का युग
कथा का एक महत्वपूर्ण पक्ष पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व की प्रतिस्पर्धा भी है।
हर प्रजाति बदलते वातावरण और दूसरे जीवों के साथ संघर्ष में समान रूप से सफल नहीं होती।
जो प्रजातियाँ अस्तित्व की इस दौड़ में पीछे रह जाती हैं, वे धीरे-धीरे समाप्त होती जाती हैं।
एक के बाद दूसरी प्रजाति विलुप्त होती है और पृथ्वी का जैविक संसार लगातार बदलता रहता है।
इसी क्रम में बुद्धिमान प्रजातियों का विकास, उनके संघर्ष और उनके बीच की प्रतिस्पर्धा भविष्य की पृथ्वी की नींव तैयार करती है।
आज से सत्तर हजार वर्ष बाद दिखाई देने वाला संसार कहीं न कहीं इसी प्राचीन काल की घटनाओं से आकार ले रहा होता है।
मध्य पृथ्वी का वह नर्क
कथा अपने अंतिम चरण में एक ऐसे स्थान तक पहुँचती है जिसे पृथ्वी का नर्क कहा जा सकता है।
हेलब्रीड्स ने मध्य पृथ्वी में ऐसा क्षेत्र विकसित कर रखा है जहाँ जीवित रहना ही सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है।
वहाँ पहुँचने वाले प्रत्येक जीव को अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
यहाँ तक कि कथा में उपस्थित एक ड्रैगन भी उस वातावरण के सामने असहाय हो जाता है।
जिस स्थान पर एक-एक साँस लेना संघर्ष बन जाए, वहाँ युद्ध की कल्पना स्वयं भयावह हो जाती है।
लेकिन यही वह स्थान है जहाँ निर्णायक संघर्ष होना है।
इक्वोडियंस, सैटंस और हमंस को एक ऐसी शक्ति के सामने खड़ा होना है जो किसी भी कीमत पर उस जैविक अंतरिक्षयान को सक्रिय करना चाहती है।
एक युद्ध जिसका प्रभाव हजारों वर्ष बाद दिखाई देगा
विलाद का विस्तार केवल सत्तर हजार वर्ष पुराने युद्ध तक सीमित नहीं है।
इसके केंद्र में पृथ्वी पर जीवन के विकास की कहानी है, दो बुद्धिमान प्रजातियों के बीच बदलते संबंध हैं, शोषण के विरुद्ध हमंस का उभार है, सैटंस की सभ्यता का विकास है और अंतरिक्ष से आए दो शक्तिशाली समूहों के बीच संघर्ष है।
इन सभी घटनाओं की एक साझा परिणति है।
एक ऐसी पृथ्वी, जिसका भविष्य अभी लिखा नहीं गया है।
हेलब्रीड्स उस भविष्य को अपनी दिशा में ले जाना चाहते हैं।
इक्वोडियंस उसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
और हमंस तथा सैटंस अपने अस्तित्व तथा अपने भविष्य के लिए इस संघर्ष में शामिल हो चुके हैं।
अंतिम प्रश्न: कौन बचेगा?
कथा के अंतिम चरण में कई प्रश्न एक साथ सामने आते हैं।
क्या हमंस और सैटंस अपने पुराने संघर्ष को पीछे छोड़कर एक साझा शत्रु के विरुद्ध खड़े हो पाएँगे?
क्या इक्वोडियंस हेलब्रीड्स को रोक पाएँगे?
क्या उस जैविक अंतरिक्षयान को सक्रिय होने से रोका जा सकेगा?
और यदि वह सक्रिय हो गया, तो पृथ्वी का वह भविष्य क्या होगा जिसकी नींव इसी प्राचीन काल में रखी जा रही है?
विलाद इन प्रश्नों के माध्यम से एक ऐसे युग की कल्पना करता है जो आधुनिक मानव इतिहास से बहुत पहले समाप्त हो चुका था—लेकिन जिसकी घटनाओं की छाया हजारों वर्ष आगे तक जाती है।
सत्तर हजार वर्ष पहले की पृथ्वी।
दो बुद्धिमान प्रजातियाँ।
दो बाहरी शक्तियाँ।
एक जैविक अंतरिक्षयान।
और एक ऐसा युद्ध, जिसका वास्तविक परिणाम आने वाली सभ्यताओं को बहुत बाद में समझ में आएगा।
खरीद के लिए सीरीज़ लिंक:



Post a Comment